Thursday, 30 June 2016

लाल के दामाद के खिलाफ जारी हुआ वारंट

टॉपर्स घोटाला मामले में सास- ससुर के बाद दामाद जी का जेल जाना तय हो गया है। बिहार स्कूल इग्जामिनेशन बोर्ड के पूर्व चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद और पूर्व विधायक उषा सिन्हा के दामाद विवेक रंजन के खिलाफ कोर्ट ने गुरुवार को गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया है। गिरफ्तारी के बाद विवेक को भी अपने सास- ससुर के साथ बेउर जेल में दिन काटने होंगे। इंटरमीडिएट टॉपर्स घोटाला में सास- ससुर के साथ- साथ दामाद विवेक रंजन बराबरी का साझेदार है। भ् मई को कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही विवेक फरार है। रेलवे में इंजीनियर होने के बाद भी विवेक को अधिक रुपए कमाने की भूख थी। इस लिए उसने लालकेश्वर और उषा के साथ मिलकर बोर्ड ऑफिस में खूब धांधली मचाई। फर्जी टॉपर्स पैदा करने से लेकर, कॉपियों के टेंडर और दूसरे कामों में विवेक सबकुछ लाइनअप करता था।

टॉपर्स के पैरेंट्स भी होंगे गिरफ्तार

एसआईटी के लिए गुरुवार का दिन काफी खास रहा है। पहले तो उन्हें लालकेश्वर के दामाद की गिरफ्तारी का वारंट मिला। इसके बाद एसआईटी के हाथ लगा फर्जी टापॅर्स के पैरेंट्स की गिरफ्तारी का वारंट। एसआईटी ने कोर्ट में विवेक के साथ ही करीब आधा दर्जन लोगों की गिरफ्तारी का वारंट जारी करने के लिए अपील कर रखी थी। एसआईटी की अपील पर कोर्ट ने वारंट जारी भी कर दिया। अब आईने की तरह साफ हो चुका है कि फर्जी टॉपर्स के पैरेंट्स गिरफ्तार होंगे और जेल जाएंगे.

विवेक की गिरफ्तारी के लिए जारी है छापेमारी

सास- ससुर को एसआईटी ने यूपी के बनारस से गिरफ्तार किया था। इन्हीं के तरह विवेक की भी यूपी में छिपे होने की सूचना एसआईटी को मिली थी। जिसके बाद वहां छापेमारी की गई थी। लेकिन सोर्स की मानें तो विवेक को वेस्ट बंगाल और झारखंड में भी खंगाला जा रहा है। उसके वेस्ट बंगाल के बॉर्डर एरिया में होने की सूचना एसआईटी को मिली थी। विवेक को पकड़ने के लिए एसआईटी की कई टीमें एक वक्त अलग- अलग शहरों में छापेमारी कर रही हैं.

लाल के दामाद के खिलाफ जारी हुआ वारंट

विधान सभा चुनाव को लेकर इस बार पार्टी टिकट वितरण में देरी नहीं करेगी। बूथ अध्यक्ष सम्मेलन के माध्यम से अमित शाह यह भी देख रहे हैं कि ग्राउंड पर कौन प्रत्याशी मजबूत है। गुरुवार को हुए बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में जब कुछ टिकटार्थियों को कार्यक्रम स्थल पर कुछ न कहने का मौका न मिला तो वे होटल में पहुंच गए। होटल में दावेदारों ने उन्हे टिकट क्यों मिलना चाहिए, इसका गणित राष्ट्रीय अध्यक्ष को समझाया.

चल रहा सर्वे

टिकट वितरण को लेकर अमित शाह ने सीधे तो मीडिया से बात नहीं की। लेकिन सूत्रों के अनुसार एक होटल में वे साफ कर गए कि किस आधार पर टिकट दिया जाएगा। एक बड़े नेता ने ऑफ दी रिकॉर्ड होटल से बाहर आते हुए बताया कि सभी विधान सभा क्षेत्रों में लोकल कंपनी द्वारा सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें सिटिंग विधायक और दावेदारों का नाम लेकर कंपनी के सदस्य सर्वे कर रहे हैं। साथ ही क्षेत्र में किसकी क्या छवि है, ये भी साथ के साथ कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है। कंप्यूटर में दावेदार रिकॉर्ड देखकर ही टिकट पर मोहर लगाई जाएगी.

सिटिंग पर संकट

सर्वे में जो सिटिंग विधायक क्षेत्र में जनता का काम नहीं कर रहा है या जिसकी छवि खराब है। ऐसे सीटिंग विधायकों के भी टिकट काटे जाएंगे। ये प्रयोग अमित शाह गुजरात में पिछले 20 सालों से करते आ रहे हैं.

पसीना पोछते बाहर निकले

होटल में जहां दावेदारों को क्षेत्र में मेहनत करने के लिए कहा गया, वहीं कुछ सिटिंग विधायकों के पेच भी कसे गए। होटल में सेंट्रली हाई स्पीड ऐसी होने के बावजूद भी कई विधायक पसीना पोछते बाहर निकले। सूत्रों का मानना है कि जिन विधायकों की शिकायत कार्यकर्ताओं ने केन्द्रीय कार्यालय भेजी है। ऐसे सभी विधायकों के पार्टी अध्यक्ष ने जमकर पेच कसे हैं.

अपनों पर खूब बरसती है कृपा

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की डेंटल फैकल्टी में सीनियर रेजीडेंट और नॉन पीजी रेजीडेंट की तैनाती में खूब 'खेल' चल रहा है। एक तरफ संस्थान में एक- एक सीट पर पीजी करके आए हुए रेजीडेंट्स में मारामारी मची है तो दूसरी तरफ डेंटल में दर्जन भर से अधिक नॉन पीजी जेआर को तैनात किया गया है।

क्या हैं नियम

डेंटल में जब एमडीएस की सीटें खाली रह जाती हैं तो उनकी जगह पर नॉन पीजी डॉक्टर को नॉन पीजी जेआर के पद पर तैनात कर लिया जाता है। ताकि विभाग में इलाज का कार्य बाधित न हो, लेकिन यहीं पर सारा 'खेल' हो जाता है। पीजी की सीटें सरकारी कॉलेजों में पूरे यूपी में सिर्फ केजीएमयू में ही हैं। चुनिंदा सीटों पर कोई भी बीडीएस डॉक्टर अपनी सीट छोड़ता नहीं है। अगर छोड़ता है तो उससे कम रैंक वाले को मौका दिया जाता है, लेकिन केजीएमयू के डॉक्टर 'अपनों' को फायदा पहुंचाने के लिए यहां पर नॉन पीजी जेआर के रूप में तैनात कर लेते हैं।

एक साल की जगह तीन साल की दी तैनाती

केजीएमयू की डेंटल फैकल्टी के डॉक्टर्स की मानें तो विभाग में इस समय लगभग एक दर्जन नॉन पीजी जेआर काम कर रहे हैं। जबकि पीजी की सीटें बहुत अधिक नहीं हैं। एक साल में एक दर्जन नॉन पीजी जेआर तैनात करने का मतलब हैं कि इतनी बड़ी संख्या में एमडीएस की सीटें खाली रह गई। नियमों के मुताबिक सीनियर रेजीडेंट का पद भी डेंटल में एक साल के लिए है जबकि प्रास्थोडांटिक्स में एक डॉक्टर को पिछले तीन साल से लगातार एक्सटेंशन मिल रहा है। वह विभाग में लगातार तीन साल से सीनियर रेजीडेंट हैं। यही नहीं केजीएमयू में डेंटल में नान पीजी जेआर तैनात करने के लिए समय समय पर प्राशासन पर उंगलिया उठती रही हैं.

ईसी मेंबर्स ने भी की थी शिकायत

पिछले माह ही एक्जीक्यूटिव काउंसिल के भी चार सदस्यों ने सीनियर रेजीडेंट और नॉन पीजी रेजीडेंट के अप्वाइंटमेंट को लेकर प्रश्न उठाया था और अप्वाइंटमेंट नियमों के तहत ही करने की मांग की थी, लेकिन ईसी ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण मामले में उसमें ईसी मेंबर्स ने कहा है कि एसआर और नॉन पीजी अप्वाइंटमेंट कैसे हो इसके लिए कार्य परिषद से मांग की थी। लेकिन कार्य परिषद ने इग्नोर कर दिया। जिसके कारण ईसी के सदस्यों ने राजभवन में शिकायत भी थी। 

जब बड़े साहब के सामने का ये हाल है तो..

 जब विभागीय लापरवाही के कारण कमिश्नर के आवास के पास का ही हाल बेहाल हो गया है तो शहर के और इलाकों का हाल क्या होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। एक ओर सर्किट हाउस, दूसरी ओर कमिश्नर आवास और एक तरफ जिला मुख्यालय। यहां पर कुछ दिन पहले सीवर पाइपलाइन का काम कराया गया था।

इसी दौरान वाटर पाइप लाइन डैमेज हो गयी और कमिश्नर आवास से लेकर कमिश्नरी तक पानी भर गया था। जैसे- तैसे इसे ठीक कराया गया। लेकिन अभी कुछ दिन ही बीते है कि गुरुवार को फिर उसी जगह वाटर पाइप डैमेज हुई और वहां कीचड़ हो गया है। सुबह से आधा दर्जन लोग इस जगह पर हादसे का शिकार होने से बचे हैं। कई लोगों के कपड़े कीचड़ से गंदे हो गए.

ख्0 दिन भी नहीं टिका काम

इस स्थान पर ख्0 दिन पहले नौ जून को सीवर पाइपलाइन खोदाई के दौरान वाटर पाइपलाइन डैमेज हुई थी और जिला मुख्यालय कुछ घंटो के लिए जलमग्न हो गया था। पानी अधिकारियों तक पहुंच गया तो शाम होते ही डैमेज को ठीक कर लिया गया। लेकिन इस बार किसी अधिकारी को परेशानी नहीं हुई तो इस परेशानी की कोई सुधि लेने वाला नहीं आया।

बिना इंतजाम के काम ने फंसाया झाम

कमिश्नर आवास के सामने वाटर लाइन के इस हाल के लिए जिम्मेदार बदइंतजामी है। सीवर पाइपलाइन के लिए जिन जगहों पर काम हो रहा है। वहां कुछ इसी तरह के हालात हो रहे हैं। शहर के कई एरिया में इसी कारण गंदे पानी की सप्लाई होने लगती है। इसके लिए शिकायत कीजिए तो जलकल विभाग एक नहीं सुनता.

एक्सएलआरआई में ई-सेल से स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन

एक्सएलआरआई जमशेदपुर में अब ई- सेल के जरिए छात्रों को स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ई- सेल, यानी इंटप्रेन्योरशिप सेल। यह सेल छात्रों की एक इकाई होगी, जो भावी प्रबंधकों को इंटरप्रेन्योरशिप के जरिये शीर्ष पर पहुंचे केस स्टडीज को बाकी छात्रों के समक्ष रखेगी और उन स्टार्टअप से प्रेरणा लेकर अपना भी स्टार्टअप करने के लिए प्रेरित करेगी। इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर (ईडीसी) के माध्यम से पहले ही छात्रों को स्टार्टअप के लिए प्रेरित किया जाता था, अब ई- सेल भी छात्रों को राष्ट्रीय के साथ- साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप आइडिया शेयर करेगी। इस सेल को बीच- बीच में एक्सएलआरआई के साथ ही साथ अन्य संस्थानों, मसलन आईआईएम, एक्सआईएम से स्टार्टअप करने वाले छात्रों को व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित कर कार्यक्रम का आयोजन करने की भी जिम्मेदारी होगी।

स्टूडेंट्स को लीडर बनाने और उन्हें नौकरी करने के बजाय नौकरी की संभावनाएं विकसित करने के लिए ईडीसी व ई- सेल सरीखे पहल अच्छा परिणाम लाएंगे। 

टेंडर प्रॉसेस में सोच-समझ कर भाग लें सीए

दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने अपने सदस्यों को चार्टेड एकाउंटेंट्स की किसी भी तरह की टेंडर प्रक्रिया(जो सिर्फ सीए प्रोफेशनल्स के लिए हो) में भाग लेने से रोक लगा दी है। यह जानकारी इंस्टीट्यूट कीरांची शाखा के अध्यक्ष सीए मनीष जैन ने दी। उन्होंने बताया कि दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया सीए प्रोफेशनल के लिए गवर्निंग बॉडी होती है। इस कारण इसके द्वारा लिए गए फैसलों को मानना हर चार्टेड एकाउंटेंट्स के लिए जरूरी है। आज भी राज्य सरकार के कई विभाग अंकेक्षण और एकाउंटिंग से संबंधित कायरें के लिए पुरानी प्रक्रिया पर आधारित टेंडर व्यवस्था पर ही कार्य कर रहे हैं। इससे न केवल क्वालिटी खराब हो रही है, बल्कि यह इंस्टीट्यूट की गाइडलाइंस के विरुद्ध भी है।

अघोषित आय पर सेमिनार कल

उन्होंने अघोषित आय घोषणा स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि यह स्कीम कर चोरी करने वाले या जो आय कर नहीं देते हैं, लेकिन वे आय कर के दायरे में आते हैं, उनके लिए काफी अच्छी है। इस कारण स्कीम के अंतर्गत एकमुस्त कर जमा करके वे अपनी अघोषित सम्पति को वैधानिक रूप दे सकते हैं। इंस्टीट्यूट की रांची शाखा की सीपीआई कमिटी की अध्यक्षा सीए मनीषा बियानी ने कहा की ख् जुलाई को चैम्बर भवन में अघोषित आय घोषणा स्कीम के बारे में एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है.

म्7वीं सालगिरह आज, कई कार्यक्रम

सीए मनीष जैन ने जानकारी दी की क् जुलाई को सीए इंस्टीट्यूट अपनी स्थापना की म्7वीं सालगिरह मना रहा है। इस अवसर पर रांची शाखा बहुत से सामाजिक कायरें का कार्यक्रम रखी है। क् जुलाई की सुबह 7.ब्भ् बजे सीए छात्रों का पर्यावरण व स्वच्छता के प्रति फिरायालाल चौक से ऑफिस तक एक रैली निकाली जाएगी। सुबह 9.फ्0 बजे आईसीए भवन, डॉ मुक्ति सरन लेन, एचवी रोड रांची में इंस्टीट्यूट का झंडा फहराया जाएगा। 9.फ्0 बजे से शाम ब् बजे तक रक्तदान शिविर लगेगा। इसमें चार्टेड एकाउंटेंट्स और सीए के विद्यार्थी रक्त दान करेंगे। इसके अलावा फ् जुलाई को खूंटी रोड स्थित अम्बाटोली गांव में गरीबों के बीच वस्त्र वितरण, बच्चों के बीच पठन- पाठन सामग्री का वितरण और पौधरोपण कार्यक्रम होगा.  Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Wednesday, 8 June 2016

पति और ससुर ने पीटा तो फांसी लगा ली

पति समेत ससुराल वालों से परेशान होकर सुसाइड करने की कोशिश करने वाली युवती की सोमवार की रात को मौत हो गई। उसने प्रताड़ना और पिटाई से क्षुब्ध होकर पहले जहरीला पदार्थ खाया उसके बाद फांसी लगा ली थी। परिजनों ने उसको गंभीर हालत में नर्सिगहोम और फिर हैलट में एडमिट कराया था। जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने पति समेत ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की तहरीर दी है।

2013 में हुई थी शादी

श्यामनगर में शिवा पार्क के पास रहने वाली नेहा शुक्ला की 14 फरवरी 2013 को बैंक कर्मी लव दुबे से शादी हुई थी। लव बनारस में एक ग्रामीण बैंक में कार्यरत है। आरोप है कि शादी के बाद नेहा को दहेज के लिए प्रताडि़त किया जाने लगा। परेशान होकर नेहा मायके चली आई और पति के खिलाफ घरेलू हिंसा, गुजारा भत्ता समेत अन्य केस दाखिल किए। 22 अप्रैल को वो मुकदमे की तारीख पर कोर्ट गई थी, जहां उसका सामना पति और ससुर से हुआ था। आरोप है कि वो सुनवाई के बाद घर जा रही थी कि पति और ससुर ने उसे रोक कर पिटाई कर दी। पति और ससुर की हरकत से वो इतनी क्षुब्ध हो गई थी कि उसने घर जाकर फांसी लगा ली। मां उसे फंदे से उतारकर नर्सिगहोम ले गई। वहां से उसकी हालत सुधार न होने पर हैलट रेफर कर दिया। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।   Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

बदमाशों ने व्यापारी के घर डाका

इज्जतनगर थाना क्षेत्र के बसंत विहार में ट्यूजडे रात बदमाशों ने व्यापारी के घर धावा बोल दिया। बदमाशों ने हथियारों के बल पर परिवार को बंधक बना लिया और लाखों की नकदी व ज्वैलरी लूटकर फरार हो गए। विरोध करने पर बदमाशों ने मारपीट भी की। उनकी संख्या करीब 10 से 12 बताई जा रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। व्यापारी ने कुछ लोगों पर शक जताया है।

आंख में भी मारी चोट

नरेश गंगवार, बसंत विहार में रहते हैं। वह कंस्ट्रक्शन वर्क करते हैं। ट्यूजडे रात में उनके घर में पत्‍‌नी रेखा, 12 साल का बेटा अनुराग, रिश्तेदार कमलेश और निधि भी मौजूद थे। कमलेश आर्मी में तैनात हैं। रात में करीब साढ़े 12 बजे 10 से 12 बदमाश घर के अंदर घुस आए। सभी बदमाशों ने चेहरा ढक रखा था। बदमाशों ने परिवार को एक कमरे में बंधक बना लिया। जब घर वालों ने विरोध किया तो मारपीट भी की जिसमें कमलेश की आंख में भी चोट लगी हैं। बदमाश घर से 23 हजार रुपए नकद, डेढ़ लाख की ज्वैलरी व अन्य सामान लूटकर ले गए हैं। सभी बदमाशों के हाथों में तमंचे व चाकू थे। पुलिस ने कुछ बदमाशों को एडेंडीफाई किया है। पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई है. Read more http://inextlive.jagran.com/bareilly/

भलुही में टीम ने जांची मिट्टी की उर्वरा शक्ति

भटहट ब्लॉक के भलुही गांव को इफको कंपनी ने अंगीकृत किया है। कंपनी की सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला गांव में पहुंची और मौके पर हीगांव के साठ किसानों के खेत की मिट्टी लेकर जांच की गई। इसके बाद रिपोर्ट के अनुसार किसानों को उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए जानकारी दी गई.

खुश दिखे किसान

मृदा परीक्षण के उपप्रबन्धक इन्द्रजीत शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक आनंद श्रीवास्तव, संजय, एमसी सतीश यादव आदि की टीम मंगलवार को भलुही पहुंची। साथ ही एक बस थी जिसमें मिट्टी की उर्वरा शक्ति जांचने की व्यवस्था थी। मौके पर ही किसानों के खेतों से मिट्टी लेकर उसकी जांच की गई। किसान अच्छेलाल गुप्ता, शिवचन्द गुप्ता, दिलशेर अली, इम्तेयाज अली, नन्दलाल, नेबूलाल, पारसनाथ मिश्रा आदि किसानों के खेत की मिट्टी जांची गई। मृदा परीक्षण की टीम ने मिट्टी की जांच के बाद किसानों को जानकारी दी कि उनमें किन तत्वों की कमी है। उसकी भरपाई के लिए वे क्या करें। किसानों को बताया कि मिट्टी जांच के बाद उसमें उचित मात्रा में खाद का प्रयोग करें। खाद की अधिकता से भी मिट्टी का नुकसान होता है। साथ ही खेती की लागत भी बढ़ जाती है।  Read more http://inextlive.jagran.com/gorakhpur/

इंदिरा नहर में नहाने गए दो युवक डूबे

चिनहट एरिया स्थित इंदिरा नहर में नहाने गए रेस्टोरेंट के दो कर्मचारी तेज बहाव के चलते नहर में बह गए। उन दोनों के साथियों ने उन्हें डूबता देख शोर मचाया। शोर सुनकर पहुंचे राहगीरों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने युवकों की तलाश के लिये गोताखोरों को नहर में उतारा। लेकिन, कई घंटे की मशक्कत के बावजूद उनका कोई सुराग न लग सका.

गए थे समोसा खाने, लगे नहाने

फैजाबाद रोड स्थित बीबीडी कॉलेज के करीब जायका रेस्टोरेंट है। रेस्टोरेंट के मालिक विनय सिंह के मुताबिक, मंगलवार सुबह रेस्टोरेंट का कैशियर सीतापुर के मास्टर टोला निवासी रवींद्र तिवारी (25) समोसा खाने की बात कहकर रेस्टोरेंट के वेटर सुनील कुमार सिंह (24) के साथ निकला था। इसी बीच वे दोनों इंदिरा नहर में जा पहुंचे और कपड़े किनारे रखकर नहर में नहाने लगे। इसी बीच तेज बहाव की वजह से रवींद्र का पैर फिसला और वह गहरे पानी में डूबने लगा। रवींद्र को डूबता देख सुनील उसे बचाने के लिये आगे बढ़ा, लेकिन वह भी तेज बहाव में बहने लगा। उन दोनों ने बचने के लिये शोर मचाया।

नहीं लगा सुराग

शोर सुनकर उसके दो परिचित भागकर नहर किनारे पहुंचे। उन्होंने मदद के लिये राहगीरों को बुलाया। पर, किसी ने भी नहर के तेज बहाव के चलते उसमें कूदने की कोशिश तक नहीं की। उन लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने युवकों का सुराग लगाने के लिये गोताखोरों को नहर में उतारा। कई घंटे तक युवकों की तलाश चलती रही लेकिन, उनका कोई सुराग नहीं लग सका। एसओ चिनहट सुरेश यादव ने बताया कि युवकों की तलाश के लिये गोसाईगंज पुलिस को सूचना देकर गोसाईगंज रेग्युलेटर पर जाल डलवाया गया है। खबर लिखे जाने तक रवींद्र और सुनील का कोई सुराग नहीं लग सका था।  Read more http://inextlive.jagran.com/lucknow/

अगर आपने बढ़ाया है मान, तो अब होगा सम्मान

यूपी, सीबीएसई और सीआईएसई बोर्ड में परचम लहराने वाले होनहारों के लिए अच्छी खबर है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट एग्जाम में कामयाबी का परचम लहराकर अपने मां- बाप, स्कूल और शहर का नाम बढ़ाने वाले होनहारों को आई नेक्स्ट सम्मानित करेगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस स्टार्ट हो चुकी है। स्टूडेंट्स वर्किंग डेज में आई नेक्स्ट ऑफिस पहुंचकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस इवेंट का टाइटल स्पॉसंर मोमेंटम कोचिंग है.

फ्री ऑफ कॉस्ट होगा रजिस्ट्रेशन

आई नेक्स्ट की ओर से दिए जाने वाले इस अवार्ड को पाने के लिए स्टूडेंट्स को मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। रजिस्ट्रेशन की राह को आसान करने के लिए आई नेक्स्ट ने न तो इसके लिए कोई फीस तय की है और न ही कोई फॉर्म भरने का ही झंझट है। इसमें आप सुबह 11 बजे से 5 बजे के बीच आई नेक्स्ट ऑफिस पहुंचकर फ्री ऑफ कॉस्ट रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए स्टूडेंट्स को सिर्फ अपनी मार्कशीट की फोटो कॉपी आई नेक्स्ट ऑफिस में जमा करनी होगी। इसके बाद मेरिट बेस पर होनहारों का सेलेक्शन किया जाएगा.

हाईस्कूल में लॉटरी के थ्रू ड्रा

यूपी और सीबीएसई दोनों ही बोर्ड एग्जाम में स्टूडेंट्स को ग्रेड दिया जाता है। ग्रेडिंग सिस्टम होने की वजह से स्टूडेंट्स की भीड़ में से लकी विनर्स का सेलेक्शन लकी ड्रॉ के थ्रू किया जाएगा। 10 सीजीपीए हासिल करने वाले सभी स्टूडेंट्स इस अवार्ड के लिए एलिजिबल हैं।  View more http://inextlive.jagran.com/gorakhpur/