Thursday, 30 June 2016

जब बड़े साहब के सामने का ये हाल है तो..

 जब विभागीय लापरवाही के कारण कमिश्नर के आवास के पास का ही हाल बेहाल हो गया है तो शहर के और इलाकों का हाल क्या होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। एक ओर सर्किट हाउस, दूसरी ओर कमिश्नर आवास और एक तरफ जिला मुख्यालय। यहां पर कुछ दिन पहले सीवर पाइपलाइन का काम कराया गया था।

इसी दौरान वाटर पाइप लाइन डैमेज हो गयी और कमिश्नर आवास से लेकर कमिश्नरी तक पानी भर गया था। जैसे- तैसे इसे ठीक कराया गया। लेकिन अभी कुछ दिन ही बीते है कि गुरुवार को फिर उसी जगह वाटर पाइप डैमेज हुई और वहां कीचड़ हो गया है। सुबह से आधा दर्जन लोग इस जगह पर हादसे का शिकार होने से बचे हैं। कई लोगों के कपड़े कीचड़ से गंदे हो गए.

ख्0 दिन भी नहीं टिका काम

इस स्थान पर ख्0 दिन पहले नौ जून को सीवर पाइपलाइन खोदाई के दौरान वाटर पाइपलाइन डैमेज हुई थी और जिला मुख्यालय कुछ घंटो के लिए जलमग्न हो गया था। पानी अधिकारियों तक पहुंच गया तो शाम होते ही डैमेज को ठीक कर लिया गया। लेकिन इस बार किसी अधिकारी को परेशानी नहीं हुई तो इस परेशानी की कोई सुधि लेने वाला नहीं आया।

बिना इंतजाम के काम ने फंसाया झाम

कमिश्नर आवास के सामने वाटर लाइन के इस हाल के लिए जिम्मेदार बदइंतजामी है। सीवर पाइपलाइन के लिए जिन जगहों पर काम हो रहा है। वहां कुछ इसी तरह के हालात हो रहे हैं। शहर के कई एरिया में इसी कारण गंदे पानी की सप्लाई होने लगती है। इसके लिए शिकायत कीजिए तो जलकल विभाग एक नहीं सुनता.

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