वार्ड एरिया में भले ही गंदगी के अंबार लगे हों, भले ही नालियों का
पानी ओवर फ्लो करता साफ नजर आ रहा हो, लेकिन हमारे पार्षदों को वार्ड में
कहीं भी न तो गंदगी नजर आती है और न ही वॉटर लॉगिंग. यह हम नहीं कह रहे हैं
बल्कि पार्षदों की ओर से नगम निगम में दाखिल की गई एनओसी इसकी हकीकत बयां
कर रही है. ऊपरी जबान ने भले ही पार्षद सफाई कर्मचारियों की कमी का रोना रो
रहे हों और उनपर गंदगी का सारा इल्जाम मढ़ रहे हों, लेकिन उनकी एनओसी कुछ
और ही कहानी बयां कर रही है. पार्षदों की ओर से सफाई कर्मचारियों के पेमेंट
के लिए दिया जाने वाले इस सर्टिफिकेट की हकीकत क्या है, इसे जानने के लिए
जब आई नेक्स्ट टीम ने इन वार्डो के 5 वार्डो की रियल्टी चेक किया, तो वहां
गंदगी के अंबार और ओवरफ्लो होती नालियों के साथ पब्लिक की परेशानी साफ नजर
आई.
वार्ड नंबर - 69
वार्ड नं 69 महुईसुघरपुर में दोपहर 2 बजे जब आई नेक्स्ट ने वार्ड का
जायजा लिया तो वहां की प्रमुख सड़क पर नाक बंद करके गुजरते लोग नजर आए.
स्कूल बच्चे रोड के किनारे पड़े कूड़े के ढेर से बचते हुए निकल रहे थे.
वहीं गलियां ओवरफ्लो करती नजर आई.
क्या कहना है पार्षद का
इस संबंध में जब पार्षद मनोरमा देवी से बात की गई तो पार्षद ने कहा कि
हमारे यहां की सफाई व्यवस्था चकाचक है. कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं है.
पार्षद ने तो गंदगी के लिए मुकामी लोगों को ही जिम्मेदार ठहरा डाला. http://inextlive.jagran.com/corporators-dual-nature-creating-problem-for-gorakhpurites-90437
Source: Gorakhpur News
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